आमलकी एकादशी पर दान का है खास महत्व, अन्न, धन और वस्त्र दान से मिलता है पुण्य लाभ

RAIPUR KI BAAT
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पद्म पुराण में आमलकी एकादशी का खास महत्व बताया गया है। पुराण के अनुसार फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी का व्रत करने से विष्णुलोक की प्राप्ति होती है। साथ ही, इस विशेष तिथि पर अन्न, धन और वस्त्र का दान करने से जातक को पुण्य फल की प्राप्ति होती है। आइए विस्तार से जानें आमलकी एकादशी के दान।

फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी के नाम से जाना जाता है। आमलकी एकादशी को रंगभरी एकादशी भी कहते हैं जिसका व्रत 27 फरवरी, शुक्रवार के दिन रखा जाएगा। पद्म पुराण में इस व्रत को विष्णुलोक की प्राप्ति कराने वाला बताया गया है। साथ ही, आमलकी एकादशी पर दान करना भी बेहद शुभ होता है। मान्यता है कि ऐसा करने से जातक को पुण्य फल की प्राप्ति होती है और व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने लगते हैं। आइए पंडित राकेश झा विस्तार से जानते हैं की आमलकी एकादशी पर किन-किन चीजों का दान करना शुभ होता है।

सात प्रकार के अनाज का दान करें

ज्योतिषशास्त्र और पुराणों में सात प्रकार के अनाज का दान करना बेहद शुभ माना जाता है। एकादशी तिथि पर किसी जरूरतमंद या गरीब व्यक्ति को आप अपनी क्षमता अनुसार चावल, गेहूं, दान, जौ आदि का दान कर सकते हैं। ऐसा करना बहुत पुण्यकारी माना गया है। पद्म पुराण में भी एकादशी तिथि पर दान को बहुत शुभ माना गया है।

वस्त्र का करें दान

आमलकी एकादशी पर व्रती को व्रत के पश्चात वस्त्र का दान करना चाहिए। अगर आप व्रत न भी कर पाएं तब भी किसी जरूरतमंद व्यक्ति को अपनी क्षमता अनुसार वस्त्र का दान कर सकते हैं। ऐसा करने से जातक के जीवन में सकारात्मकता बनी रह सकती है। वस्त्र के साथ ही एकादशी पर कंबल का दान करना भी बहुत अच्छा माना जाता है।

फलों का दान करें

रंगभरी एकादशी के दिन फलों का दान करने से जातक को उत्तम फल की प्राप्ति हो सकती है। इस दिन आप अलग-अलग प्रकार के फलों का दान किसी जरूरतमंद व्यक्ति को कर सकते हैं। फलों के अलावा एकादशी तिथि पर आंवले का दान करना भी पुण्यदायी माना गया है क्योंकि, इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा का भी खास महत्व होता है।

धन का करें दान

आप अपने सामर्थ्य अनुसार, आमलकी एकादशी के दिन गरीब या जरूरतमंदों को धन का दान भी कर सकते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन की कुछ बाधाओं से राहत मिल सकती है। लेकिन अगर धन का दान कर पाना संभव न हो तो आ इसकी बजाए अन्न दान कर सकते हैं। ऐसा करने से अन्नपूर्णा माता की कृपा प्राप्त हो सकती है। मान्यता है की इस दान से घर में अन्न-धन भरपूर रहता है।

जूते-चप्पलों का करें दान

पद्म पुराण में एकादशी तिथि पर जूते-चप्पलों का दान करने का खास महत्व बताया गया है। पूजा पाठ और व्रत के पश्चात किसी जरूरतमंद या गरीब व्यक्ति को जूते-चप्पल दान करने से पुण्य फल प्राप्त हो सकता है। मान्यताओं और पुराण में बताया गया है की आमलकी एकादशी का व्रत और दान करने से समस्त यज्ञों की अपेक्षा से भी अधिक फल की प्राप्ति होती है। इस व्रत को सभी में उत्तम माना गया है।

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