चंद्रग्रहण 3 बजकर 20 मिनट पर सिंह राशि में लगने वाला है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान चंद्रमा पीड़ित अवस्था में होते हैं। इसलिए मंत्रों का जप करते रहना चाहिए ताकि ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव से बचा जा सकें। आइए जानते हैं चंद्रग्रहण के दौरान किन मंत्रों का जप करें।
चंद्रग्रहण 3 मार्च को दोपहर में 3 बजकर 20 मिनट पर लगने जा रहा है। यह इस साल का पहले चंद्रग्रहण है जो भारत सहित दुनियाभर के देशों में दिखाई देगा। चंद्रग्रहण के सूतक काल का आरंभ सुबह में 6 बजकर 20 मिनट पर हो चुका है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब भी चंद्रमा को ग्रहण लगता है तो वह पीड़ित अवस्था में होते हैं। ऐसे में भगवान के नाम का स्मरण करना चाहिए। ताकि ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव आप पर न पड़े। पंड़ित राकेश झा ने सभी राशियों के लिए कुछ विशेष मंत्र बताएं हैं जिनका जप चंद्रग्रहण आरंभ होने के दौरान करना विशेष फलदायी रहेगा। जानें चंद्रग्रहण के दौरान किन मंत्रों का जप करें।
राशि अनुसार चंद्रग्रहण के दौरान करें इन मंत्रों का जप (Chandra Grahan Mantra)
मेष राशि ओम क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
वृषभ राशि ओम ह्रीं श्रीं शुक्राय नमः
मिथुन राशि ओम ऐं श्रीं श्रीं बुधाय नमः
कर्क राशि ओम चंद्राय नमः
सिंह राशि ओम घृणि सूर्याय नमः
कन्या राशि ओम ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः
तुला राशि ओम शुं शुक्राय नमः
वृश्चिक राशि ओम अं अंगारकाय नमः
धनु राशि ओम बृं बृहस्पतये नमः
मकर राशि ओम शं शनैश्चराय नमः
कुंभ राशि ओम प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
मीन राशि ओम बृहस्पतये विद्महे दिव्यचक्षुषे धीमहि। तन्नो गुरुः प्रचोदयात्
चंद्रग्रहण पर करें इन मंत्रों का जप भी ( Chandra Grahan 2026 )
पंड़ित राकेश झा के अनुसार, अगर आपने गुरु मंत्र लिया हुआ है तो आप उस मंत्र का जप भी कर सकते हैं। इसके अलावा :-
ओम त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् । चंद्रग्रहण के दौरान इस मंत्र का जप करने से मानसिक शांति मिलेगी।
ओम भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् । आप इस गायत्री मंत्र का जप भी कर सकते हैं इसके जप से विचार शुद्ध रहते हैं।
ओम नमः शिवाय । यह भगवान शिव का बहुत ही शक्तिशाली मंत्र है मन ही मन इस मंत्र का जप करते रहें।
आप चंद्र देव के मंत्रों का जप भी कर सकते हैं। ओम श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः , ओम चंद्राय नमः , ओम क्षीर पुत्राय विद्महे अमृत तत्वाय धीमहि तन्नो चन्द्र प्रचोदयात् , इन मंत्रों का जप करने से अशांत मन शांत होता है। साथ ही नकारात्मकता दूर होती है।
