भूपेश बघेल ने बीजेपी सरकार में कितने की बेची धान? पत्नी, बेटे और बहू को मिले लाखों, पूर्व सीएम बोले 'मालामाल' हो गए

RAIPUR KI BAAT
0



रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर विपक्ष राज्य सरकार पर निशाना साध रहा है। सीएम विष्णुदेव साय ने 28 फरवरी को किसानों के खाते में धान बेचने के अंतर की राशि ट्रांसफर की है। इसके बाद से विपक्ष हमलावर है। धान बिक्री को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सोशल मीडिया में शह और मात का खेल शुरू हो गया।

दरअसल, भाजपा रायगढ़ के सोशल मीडिया हैंडल से एक पोस्ट जारी की गई है। इस पोस्ट में जानकारी दी गई है कि इस सीजन में पूर्व सीएम भूपेश बघेल और उनके परिवार ने कितने क्विंटल धान बेची है। धान बेचने से भूपेश बघेल और उनके परिवार को कितना पैसा मिला है इसकी भी जानकारी दी गई है। पोस्ट में भूपेश बघेल और उनके परिवार के धान बेचने का ब्योरा शेयर करते हुए लिखा है-“विष्णु के सुशासन में भूपेश भी हुए मालामाल। व्यवस्था को बदहाल कहने वालों ने भी खाई मलाई।” इस पोस्ट पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने पलटवार किया है।

क्या है बीजेपी रायगढ़ के पोस्ट में

बीजेपी रायगढ़ के द्वारा जो आंकड़े जारी किए गए हैं। उसमें पूर्व सीएम भूपेश बघेल, उनकी के साथ बेटे और बहू के नाम से कितनी धान बेची गई है और उन्हें कितने पैसे मिले हैं इसकी भी जानकारी दी गई है।

पोस्ट के अनुसार, भूपेश बघेल ने 925.2 क्विंटल धान बेची है। इसके बदले उन्हें 21,91,998.8 रुपये मिले हैं जबकि अंतर राशि 6,76,321.2 रुपये भी उनके खाते में ट्रांसफर की गई है। इसी तरह चैतन्य बघेल 87.6 क्विंटल धान बेची। पैसे मिले 2,07,524.4 रुपये और अंतर की राशि 64,035.6 रुपये। दीप्ति बघेल ने 194.4 क्विंटल धान बेची, पैसे मिले 4,60,533.6 रुपये और अंतर राशि 1,42,106.4 रुपये खाते में ट्रांसफर की गई है। वहीं, भूपेश बघेल की पत्नी मुक्तेश्वरी बघेल ने 61.2 क्विंटल धान बेची है। इसके बदले में उन्हें 1,44,982.8 रुपये मिले हैं और अंतर राशि 44,737.2 रुपये उनके खाते में ट्रांसफर की गई है।

भूपेश बघेल ने भी किया पलटवार

पोस्ट को लेकर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पलटवार किया है। उन्होंने लिखा- “हां जी, हुए मालामाल! किसान हैं तो माल उगाया और बेचा तो माल आया। विष्णु देव सरकार ने खाद नहीं दिया, पर्याप्त बिजली नहीं दी, फिर भी हमने पसीना बहाया और धान उगाया। हमारी सरकार की कोशिश थी कि मेहनतकश किसानों को उनकी उपज का पैसा मिले। ईमानदारी से वादा निभाया तो हर किसान को पैसा मिलने लगा।”

उन्होंने कहा- “भाजपा के 15 साल के राज में तो किसान आत्महत्या कर रहे थे। हमने किसानों को सम्मान दिया, हक का पैसा दिया। भाजपा किस मुंह से बात कर रही है? मोदी जी ने वादा किया था कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी कर देंगे। हो गई दोगुनी? और किसानों को मिल रहे पैसे से आपको इतनी जलन क्यों? इसे ‘माल’ क्यों कह रही है भाजपा? ये ‘पनामा’ या ‘तावड़े’ का माल नहीं किसानों की मेहनत का पैसा है जी। शर्मिंदा होना चाहिए भाजपा को।”

Post a Comment

0 Comments
Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

you are welcome. Check Out
Ok, Go it!
To Top