सरेंडर करने वालों के चेहरों में आत्मविश्वास
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार भटके हुए लोगों को मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक जीवन, रोजगार और आगे बढ़ने के समान अवसर देने के लिए दृढ़संकल्पित है। उन्होंने कहा कि पुनर्वासितों की आंखों में दिखता आत्मविश्वास इस बात का प्रमाण है कि यदि सही अवसर और मार्गदर्शन मिले, तो हर भटका हुआ कदम नई दिशा और नया जीवन प्राप्त कर सकता है।2392 नक्सलियों ने छोड़ा माओवाद
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्रभावी नक्सल पुनर्वास नीति के चलते सुकमा सहित बस्तर क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। अब तक 2392 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया है, जिनमें से 361 पुनर्वासितों ने नया जीवन प्रारंभ कर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल पुनर्वास तक सीमित नहीं है, बल्कि इन नागरिकों को सम्मानजनक जीवन, स्थायी रोजगार और समाज में बराबरी का अवसर प्रदान करना है। पुनर्वास केंद्र में राजमिस्त्री, कपड़ा सिलाई, कृषि उद्यमिता और वाहन चालक जैसे विभिन्न ट्रेडों में कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
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