चाणक्य नीति में उन घरों के बारे में बताया गया है जहां मां लक्ष्मी खुद चलकर जाती है। ऐसे लोगों को जीवन में कभी भी आर्थिक परेशानियों का सामना रहीं करना पड़ता। मां लक्ष्मी के आशीर्वाद से इन लोगों के जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में आम जन से जुड़ी कई बातों का जिक्र किया है जो आर्थिक परेशानियों का कारण बनती हैं। घर में छोटी-छोटी गलतियों के कारण धन का आभाव होने लगता है और दरिद्रता घेर लेती है। ऐसे में आचार्य चाणक्य ने इससे बचने के लिए कुछ जरूरी उपाय बताए हैं। अगर आप इन बातों को मान लें तो घर से आर्थिक परेशानी दूर हो जाएगी और मां लक्ष्मी खुद चलकर आपके घर आएंगी।
चाणक्य नीति के तीसरे अध्याय के 21वें श्लोक में उन तीन बातों का जिक्र किया है, जिससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है। इसमें कहा गया है कि जिस घर में मूर्खों की पूजा नहीं होती, जहां अन्न का आदर किया जाता हो और उस घर में अन्न का भंडार हो और जिस घर में पति-पत्नी में प्यार हो और लड़ाई-झगड़ा न होता हो, ऐसे घर में लक्ष्मी स्वयं आकर निवास करने लगती है।
लक्ष्मी को आकर्षित करने के उपाय
इस श्लोक से आचार्य चाणक्य का तात्पर्य यह है कि जो लोग मूर्ख लोगों की बजाय गुणवान लोगों का आदर-सम्मान करते हैं उनके घर में कभी भी धन की कमी नहीं होती है। इसके अलावा जो लोग घर में अनेक प्रकार के अन्न का संग्रह करके रखते हैं वहां सुख और समृद्धि बनी रहती है। वहीं, जिस घर के लोग लड़ाई-झगड़े में नहीं पड़ते उन लोगों की संपत्ति अपने-आप बढ़ने लगती है।
किन लोगों के घर आती हैं मां लक्ष्मी?
आचार्य कहते हैं कि लक्ष्मी का एक नाम चंचला भी है। एक स्थान पर रुकना इनका स्वभाव नहीं है। लक्ष्मी जिसके घर में प्रविष्ट हो जाती है उसे अपनी इच्छा से नहीं छोड़ती। इस प्रकार संतोषी व्यक्ति को लक्ष्मी के पीछे-पीछे जाने की आवश्यकता नहीं होती, वह स्वयं उसके घर-परिवार में आकर निवास करती है।
इस श्लोक से आचार्य चाणक्य का तात्पर्य यह है कि जो लोग मूर्ख लोगों की बजाय गुणवान लोगों का आदर-सम्मान करते हैं उनके घर में कभी भी धन की कमी नहीं होती है। इसके अलावा जो लोग घर में अनेक प्रकार के अन्न का संग्रह करके रखते हैं वहां सुख और समृद्धि बनी रहती है। वहीं, जिस घर के लोग लड़ाई-झगड़े में नहीं पड़ते उन लोगों की संपत्ति अपने-आप बढ़ने लगती है।
किन लोगों के घर आती हैं मां लक्ष्मी?
आचार्य कहते हैं कि लक्ष्मी का एक नाम चंचला भी है। एक स्थान पर रुकना इनका स्वभाव नहीं है। लक्ष्मी जिसके घर में प्रविष्ट हो जाती है उसे अपनी इच्छा से नहीं छोड़ती। इस प्रकार संतोषी व्यक्ति को लक्ष्मी के पीछे-पीछे जाने की आवश्यकता नहीं होती, वह स्वयं उसके घर-परिवार में आकर निवास करती है।