दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। हनीट्रैप के जरिए 14 साल के लड़के का अपहरण कर लिया है। इसके बाद फिरौती की मांग की जाने लगी। इस अपहरणकांड में एक महिला की भूमिका अहम है। उसने सोशल मीडिया के जरिए पहले लड़के से दोस्ती की थी। मामला सामने आने के बाद दुर्ग पुलिस ने इस केस में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही आगे की कार्रवाई की जा रही है।
महिला ने की लड़के से दोस्ती
दरअसल, एक महिला ने 14 वर्षीय नाबालिग लड़के से पहले दोस्ती की। यह दोस्ती इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। इसके बाद महिला ने उसे मिलने के लिए तिरंगा चौक पर बुलाया। यहां से अज्ञात व्यक्तियों ने नाबालिग का अपहरण कर लिया। 12 अप्रैल को पीड़ित परिवार के लोगों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। आरोपियों ने परिवार को कॉल कर एक करोड़ रुपए की फिरौती की मांग की थी।
धमतरी क्षेत्र में छुपे हुए थे आरोपी
दुर्ग के अमलेश्वर थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी। साथ ही साइबर सेल ने लोकेशन की पड़ताल शुरू की। इस दौरान धमतरी क्षेत्र में आरोपियों के छुपे होने की जानकारी मिली। इसके बाद दुर्ग पुलिस की टीम ने धमतरी में दबिश दी। वहां घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ लिया है। साथ ही नाबालिग को भी बरामद किया है।
अपह्रत लड़का है आरोपी का भांजा
वहीं, मामले में मुख्य आरोपी संजय साहू है। वह पीड़ित परिवार को जानता है। साथ ही पीड़ित लड़का रिश्ते में भांजा लगता है। महिला हेम पुष्पा की मदद से हनीट्रैप का जाल बिछाया था। महिला के झांसे में लड़के के फंसने के बाद उसने अन्य साथियों के साथ मिलकर उसका अपहरण कर लिया।
एक करोड़ फिरौती की मांग की
आरोपी का मकसद था कि अपहरण के बाद परिवार से फिरौती की मांग की जाए। इसके लिए कॉल भी किया था लेकिन पुलिस ने इन सभी को गिरफ्तार कर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में शैललेंद्र लहरे, कृष्णा साहू, रविंद्र लहरे, संजय साहू और हेम पुष्पा साहू शआमिल है। इनके पास के एक कार और छह फोन मिले हैं। पुलिस ने कोर्ट में पेशी के बाद सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है।
