बालोद: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां एक युवक और युवती की शादी परिवार के लोगों की मौजूदगी में रीति रिवाज के साथ हुई। शादी की रस्में पूरी होने के बाद दुल्हन अपने ससुराल पहुंच गई और एक रात वहां रही लेकिन अगले दिन महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम और पुलिस पहुंची। जो दुल्हन को अपने साथ लेकर उसके मायके में छोड़ आईं।दरअसल, मामला बाल विवाह से जुड़ा हुआ है। जिस युवक की शादी हो रही थी उसकी उम्र 21 साल से कम थी। जब मामले की शिकायत हुई तो बाल विकास विभाग की टीम ने जांच की और पाया कि लड़के की उम्र अभी 21 साल पूरी होनी में दो महीने का समय बाकी है। लड़के की उम्र 20 साल 10 महीने है। जिसके बाद टीम ने इस शादी को शून्य घोषित कर दिया।दुल्हन को अपने साथ ले गई
शादी को शून्य घोषित करने के बाद महिला बाल विकास विभाग की टीम दुल्हन को अपने साथ ले गई और उसके मायके में छोड़ दिया। विभाग के अनुसार, अब दो महीने बाद फिर से इनकी शादी हो सकती है। शादी की रस्म पूरी होने के बाद दुल्हन को रात को ससुराल लाया गया था। ससुराल में भी शादी की रस्म पूरी की गईं उसके बाद दुल्हन एक रात अपने ससुराल में रुकी लेकिन बुधवार सुबह पुलिस और विभागीय टीम ने सुरक्षित उसके मायके राजनांदगांव भेज दिया।मंगलवार को पहुंची थी बारात
शादी के लिए बारात मंगलवार को बालोद से राजनांदगांव के भर्रीटोला गांव पहुंची थी। मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात शादी की रस्म पूरी की गईं। इसी दौरान पुलिस को जानकारी मिली की एक बाल विवाह हो रहा है। लेकिन तब तक बारात दुल्हन को लेकर बालोद के लिए रवाना हो गई थी।जांच में कम मिली उम्र
जांच में सामने आया कि युवक के आधार कार्ड में जन्मतिथि 13 जून 2002 दर्ज है। वहीं, स्कूल के दस्तावेज में उसकी उम्र 13 जून 2005 लिखी हुई है। टीम ने नियमों के अनुसार स्कूल के दस्तावेज को सही माना और शादी के लिए उम्र 21 साल पूरी नहीं होने पर शादी को शून्य घोषित कर दिया। परिवार वालों का कहना है कि अब शादी दो महीने बाद फिर से होगी।