रायपुर: माओवाद की विचारधारा छोड़कर मुख्यधारा में लौटे 120 पुनर्वासित युवाओं के दल शुक्रवार को विधानसभा पहुंचे। यहां उन्होंने विधानसभा की कार्रवाई देखी और सीएम विष्णुदेव साय समेत कई नेताओं से मुलाकात की। विधानसभा का यह शैक्षणिक भ्रमण उनके लिए प्रेरणादायी और मार्गदर्शक अनुभव साबित हुआ। डेप्युटी सीएम विजय शर्मा आत्मसमर्पित नक्सलियों को लेकर विधानसभा पहुंचे थे।
विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आत्मीय मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने सभी का ‘जय जोहार’ के साथ स्वागत करते हुए कहा कि पुनर्वास का निर्णय लेने वाले सभी साथियों का राज्य सरकार हृदय से अभिनंदन करती है। उन्होंने कहा कि सरकार पुनर्वासित युवाओं की सुरक्षा और सम्मान का विशेष ध्यान रखेगी।
झीरम घाटी हमले का मास्टरमााइंड भी शामिल
विधानसभा की कार्यवाही देखने पहुंचे 120 पूर्व नक्सलियों में 1 करोड़ का इनामी रहा रुपेश भी शामिल था। पूर्व नक्सली रुपेश के साथ झीरम हमले का मास्टरमांइड चैतू भी विधानसभा पहुंचे। इससे पहले गुरुवार की रात डेप्युटी सीएम विजय शर्मा ने सरेंडर कर चुके नक्सलियों को अपने आवास पर डिनर के लिए आमंत्रित किया था।
विधानसभा की कार्यवाही देखने पहुंचे पूर्व नक्सलियों में कई माओवादी संगठन के लीडर रह चुके थे। झीरम घाटी हमले का मास्टरमाइंड चैतू उर्फ श्याम दादा ने 3 महीने पहले ही जगदलपुर में आत्मसमर्पण किया था। वहीं, सतीश उर्फ रूपेश सेंट्रल कमेटी का मेंबर था। उस पर 1 करोड़ का इनाम था। इसने 210 साथियों के साथ जगदलपुर में सरेंडर किया था।
सीएम साय ने की चर्चा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरेंडर कर चुके नक्सलियों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि सभी पुनर्वासित युवा समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें और आत्मनिर्भर बनें। इसी उद्देश्य से पुनर्वास नीति को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिंसा का मार्ग छोड़कर आज संविधान के मंदिर में खड़े होकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया का साक्षी बनना इस बात का प्रमाण है कि बदलाव संभव है। मुख्यमंत्री साय ने युवाओं को शिक्षा, स्वरोजगार और शासन की विभिन्न योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
क्या बोले डेप्युटी सीएम विजय शर्मा
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जो युवा ‘गन’ तंत्र का रास्ता छोड़कर गणतंत्र की मुख्यधारा में लौटे हैं, उनका राज्य सरकार हृदय से स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि संविधान का मार्ग ही शांति, विकास और समृद्धि का मार्ग है। राज्य सरकार पुनर्वासित युवाओं के सम्मानजनक जीवन, रोजगार और कौशल विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये युवा समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनेंगे और अन्य लोगों को भी मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करेंगे।
